Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

“मुख्यमंत्री फडणवीस के पोस्टरों से रोहित पवार को क्यों हो रहा दर्द?” – बावनकुले का तंज

“मुख्यमंत्री फडणवीस के पोस्टरों से रोहित पवार को क्यों हो रहा दर्द?” – बावनकुले का तंज

फडणवीस के पोस्टर पर बवाल: बावनकुले ने रोहित पवार पर साधा निशाना, कहा – “प्रेम से दिए विज्ञापन से क्यों हो रहा दर्द?”

नागपुर, 9 सितंबर — मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अखबारों में छपे एक विज्ञापन को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस अब और तेज हो गई है। इस विज्ञापन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक रोहित पवार द्वारा की गई आलोचना के जवाब में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पलटवार करते हुए तीखा बयान दिया है।

कोराडी में पत्रकारों से बातचीत में बावनकुले ने कहा, “अगर कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रति प्रेम से एक विज्ञापन देता है, तो रोहित पवार को क्यों तकलीफ हो रही है? पेट में दर्द क्यों हो रहा है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विज्ञापन के पीछे किसी राजनैतिक साजिश की नहीं, बल्कि जनता के प्रेम की भावना है।

बावनकुले ने एनसीपी विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि रोहित पवार को पहले यह देखना चाहिए कि उद्धव ठाकरे सरकार के समय विज्ञापन कैसे और किन उद्योगपतियों द्वारा दिए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में वसूली और विज्ञापन के बीच गहरे संबंध थे, जिसे अब भूलना नहीं चाहिए।

हाल ही में प्रकाशित एक विज्ञापन में फडणवीस को छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने नतमस्तक होते दिखाया गया है। इस पर रोहित पवार ने सवाल खड़े किए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बावनकुले ने कहा, “इस राज्य को देवेंद्र फडणवीस जैसा दुर्लभ नेता मिला है, जिन्होंने जनता का भरपूर विश्वास और स्नेह अर्जित किया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार को 3 करोड़ 17 लाख से अधिक वोट मिले हैं, और ऐसे में अगर कोई नागरिक विज्ञापन देकर आभार प्रकट करता है, तो उसमें राजनीति ढूंढना उचित नहीं।

बावनकुले ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन देने वाले ने अपना नाम नहीं छापा, लेकिन इससे उसकी भावना की पवित्रता पर कोई फर्क नहीं पड़ता। “फडणवीस ने जो नेतृत्व दिया है, वह लोगों के दिलों में बसा है। उनके हज़ारों समर्थक हैं जो ऐसे पोस्टर और विज्ञापन देने को तैयार रहते हैं,” उन्होंने कहा।

अंत में बावनकुले ने सलाह देते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय भावना को समझने की जरूरत है। “हर बात में आलोचना ढूंढना राजनीति नहीं है,” उन्होंने रोहित पवार को नसीहत दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top