पाकिस्तान पहुंची सुनीता जामगडे मामले में नया मोड़: कारगिल पुलिस को नहीं मिला प्रोडक्शन वॉरंट, अगली हफ्ते फिर करेगी प्रयास

सुनीता जामगडे मामले में कानूनी पेंच: प्रोडक्शन वॉरंट के अभाव में कारगिल पुलिस को खाली लौटना पड़ा, अगले हफ्ते फिर करेगी प्रयास
नागपुर: भारत-पाक सीमा पार कर कारगिल होते हुए पाकिस्तान पहुंची नागपुर की महिला सुनीता जामगडे के मामले में अब एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। कारगिल पुलिस ने सुनीता के खिलाफ विशेष अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और उसे पूछताछ के लिए कारगिल ले जाने की तैयारी कर रही थी। लेकिन कानूनी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण नागपुर की अदालत ने फिलहाल उसका प्रोडक्शन वॉरंट जारी करने से इनकार कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, कारगिल पुलिस ने नागपुर में स्थित अदालत में वॉरंट की अर्जी दी थी, परंतु जरूरी न्यायिक दस्तावेजों की कमी के चलते उनकी याचिका नामंजूर कर दी गई। ऐसे में पुलिस सुनीता को साथ लिए बिना ही लौट गई। अब कारगिल पुलिस अगले सप्ताह दोबारा न्यायालय से वॉरंट लेने की कोशिश करेगी।
इस वक्त सुनीता जामगडे नागपुर के मध्यवर्ती कारागृह में न्यायिक हिरासत में है। नागपुर और कारगिल पुलिस के बीच इस मामले में लगातार समन्वय बना हुआ है। नागपुर पुलिस का कहना है कि वे शुरू से ही कारगिल अधिकारियों के संपर्क में हैं और हर संभव सहयोग दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की गहराई से जांच के लिए सुनीता को मौके पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रिक्रिएशन) करना बेहद जरूरी है। इसके लिए उसे कारगिल लाना आवश्यक है, लेकिन उससे पहले सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूर्ण करना अनिवार्य है।
मामला संवेदनशील होने के चलते पुलिस हर कदम सोच-समझकर उठा रही है और अगली सुनवाई तक प्रोडक्शन वॉरंट की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
