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“पारशिवनी तहसील के भागीमाहरी ग्राम में अवैध मुरूम तालाब में सेल्फी लेते समय दो युवकों की जल-समाधि”

“पारशिवनी तहसील के भागीमाहरी ग्राम में अवैध मुरूम तालाब में सेल्फी लेते समय दो युवकों की जल-समाधि”

नागपुर: अवैध मुरूम खनन से बने कृत्रिम तालाब में सेल्फी लेते समय दो युवकों की मौत, प्रशासन पर सवाल

नागपुर: जिले के पारशिवनी तहसील स्थित भागीमाहरी ग्राम पंचायत के अंतर्गत बने एक अवैध मुरूम खनन से निर्मित तालाब में बुधवार को दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक तालाब में सेल्फी लेने के दौरान डूब गए, जिससे एक और बार अवैध खनन और प्रशासन की लापरवाही के गंभीर परिणाम सामने आए हैं।

घटना के अनुसार, बुधवार शाम करीब 3 बजे नागपुर से 10 लोगों का एक समूह पिकनिक मनाने के लिए भागीमाहरी स्थित तालाब के किनारे पहुंचा था। इस दौरान, अविनाश आनंद (बिहार निवासी) और संकल्प मालवे (चंद्रपुर निवासी) ने गहरे पानी में उतरकर सेल्फी लेने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पल में वे दोनों डूबने लगे। साथ आए दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तालाब का पानी गहरा और फिसलन भरा होने के कारण उनकी मदद नहीं हो पाई।

घटना के बाद, पारशिवनी पुलिस ने मामले की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचकर खोज अभियान शुरू किया। गोताखोरों की मदद से देर रात तक संकल्प मालवे का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन अविनाश आनंद का शव अभी तक नहीं मिल सका है और उसकी तलाश जारी है।

इस दुखद घटना ने इलाके में अवैध मुरूम खनन की समस्या को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और अवैध खननकर्ताओं की गतिविधियों की अनदेखी के कारण इस तरह के खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के लोग अब प्रशासन से अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि अवैध खनन और प्रशासनिक लापरवाही के चलते न केवल पर्यावरण का नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।

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