“विवाद बढ़ने पर प्रशांत पडोले ने बयान पर दिया स्पष्टीकरण, कहा- बयान का गलत अर्थ निकाला गया”

प्रशांत पडोले ने बयान पर दिया स्पष्टीकरण, कहा- गलत अर्थ निकाला गया
भंडारा: कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ दिए गए अपने विवादित बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत तरीके से पेश किया गया है। पडोले ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य “सत्ता से उड़ाना” या “बेदखल करना” था, न कि किसी हिंसा या आक्रामकता की बात।
पडोले ने कहा, “मैंने किसानों की हालत को लेकर अपनी चिंता जताई थी। भंडारा गोंदिया जैसे धान उत्पादक जिले में बुरी बारिश ने किसानों को तबाह कर दिया है। किसानों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही, और मैंने बस उनकी भावनाओं को व्यक्त किया था।”
पहले क्या कहा था पडोले ने?
हाल ही में जिले में हुई अतिवृष्टि और फसल नुकसान को लेकर पत्रकारों से बातचीत में पडोले ने कहा था, “किसानों को फसल बीमा के रूप में सिर्फ 18 रुपये मिले हैं, साहब, 18 रुपये का क्या मतलब है? सरकार की नीतियाँ बदलनी चाहिए। अगर आप हमारे किसानों को एक लाख रुपये नहीं देंगे, उनका हक नहीं देंगे, तो हम इस बार आत्महत्या नहीं करेंगे, इस बार हम आपको उड़ा देंगे।”
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा का पलटवार
पडोले के बयान के बाद राज्य की सियासत गर्मा गई, और भाजपा नेताओं ने पलटवार शुरू कर दिया। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “यह बयान पूरी तरह से बेबुनियाद और मूर्खतापूर्ण है। किसानों के लिए सरकार ने नौ हजार करोड़ रुपये की मदद दी है।” बावनकुले ने आगे कहा, “पडोले एक ‘एक्सीडेंटल सांसद’ हैं। उन्हें पहले अपने पार्टी नेताओं से सलाह लेनी चाहिए थी। अगर कोई योग्य व्यक्ति कुछ बोले, तो समझ आता है, लेकिन बिना अनुभव के लोग इस तरह की बातें करते हैं तो यह पूरी तरह मूर्खता है।”
इस विवाद ने कांग्रेस और भाजपा के बीच तकरार को और भी बढ़ा दिया है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर।
