“किसानों के खातों में पैसे आने तक आंदोलन जारी: बच्चू कडू की सरकार को चेतावनी — तय तारीख तक कर्ज माफ़ नहीं हुआ तो होगा ‘कड़ा विरोध’”

नागपुर — बच्चू कडू का स्पष्ट संदेश: खाते में पैसे नहीं आएंगे तो आंदोलन जारी रहेगा, सरकार को अंतिम चेतावनी
नागपुर: किसान नेताओं की एकजुटता और तेज़ रुख के जरीए फिर से सियासी ताप बढ़ गया है। किसान नेता बच्चू कडू ने कहा है कि जब तक किसानों के बैंक खातों में मुआवज़ा-राशि नहीं पहुंचती, तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समय तक कर्ज़ माफ़ी नहीं हुई तो और “कड़ा विरोध” किया जाएगा।
बच्चू कडू ने बताया कि कई नेता वर्षों बाद 2026 में एक साथ आए — यह उनकी जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले यह कहती रही कि लोन माफ़ी “सही समय” पर होगी और वह सही समय 2028-29 भी हो सकता था, पर किसानों ने इसे 2026 में बुला लिया। कडू ने सरकार की लोन माफ़ी की हालिया घोषणा का आंशिक स्वागत किया पर चेतावनी दी कि कोई साज़िश या चाल चली गई तो आंदोलन कड़े रूप लेगा।
कडू ने कहा कि लोन माफ़ी मार्च 2026 तक के कर्ज़ों पर लागू बताई जा रही है और जून 2026 के आसपास इसका लाभ दिखेगा — फिर भी उन्हें खातों में सीधे पैसे आने तक भरोसा नहीं होगा। उन्होंने सोशल मीडिया और आलोचकों पर भी तीखा प्रहार किया, कहा कि जिन लोगों ने कभी धरना-प्रदर्शन नहीं देखा, वे बिंदु-पर टिप्पणी कर रहे हैं।
मनोज जारंग के भूख हड़ताल का हवाला देते हुए कडू ने कहा कि उस भावना को समझा जाना चाहिए और आंदोलन की जड़ें अब मजबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसानों के प्रदर्शनकारियों पर दबाव या अपराध करार कर के दमन किया गया तो वे गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं — लेकिन इस पर भी वे पीछे नहीं हटेंगे।
कडू ने आगे तक जाने का इरादा जताते हुए कहा, “अगर किसानों के लिए लड़ाई में झूठे आरोप लगते हैं तो मैं फांसी पर चढ़ने को भी तैयार हूँ। मैं पीछे नहीं हटूँगा।” उन्होंने सरकार को दोहराया कि वे वहीं खड़े हैं और जब तक खातों में रकम नहीं जाती, प्रोटेस्ट समाप्त नहीं होगा।
आख़िर में बच्चू कडू ने प्रशासन और विपक्षी आवाज़ों से आग्रह-सा किया कि वे आंदोलन का वास्तविक अर्थ समझें — यह केवल दावों का सवाल नहीं बल्कि किसानों की आजीविका और न्याय का मसला है।
