कर्ज माफी पर नया ट्विस्ट: बच्चू कडू का बयान – सरकारी नौकरी वाले और अमीर किसानों को नहीं मिलेगी लोन माफी

नागपुर से बड़ी खबर: बच्चू कडू बोले – “अमीर किसान, सरकारी नौकरी वाले और पेंशनर्स को नहीं मिलनी चाहिए कर्ज माफी”
नागपुर | महाराष्ट्र में किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। प्रहार संगठन के प्रमुख और विधायक बच्चू कडू ने शुक्रवार को एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कडू का कहना है कि कर्ज माफी का लाभ केवल जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को ही दिया जाना चाहिए।
कडू ने स्पष्ट किया कि जो किसान सरकारी नौकरी करते हैं, पेंशन पाते हैं या फिर महज निवेश और टैक्स बचाने के लिए खेती करते हैं, उन्हें लोन माफी योजना से बाहर रखा जाए। उन्होंने कहा,
मुख्यमंत्री से अहम बैठक आज शाम
बच्चू कडू और किसानों का प्रतिनिधिमंडल आज शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेगा। उम्मीद है कि इस बैठक में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी –
- किसानों की पूर्ण कर्ज माफी
- पंजाब मॉडल पर खरीद केंद्रों की स्थापना
- फसलों पर 20% बोनस और गारंटीड कीमत की मांग
आंदोलन की एकजुटता और अगला कदम
कडू ने कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि सभी किसान नेता एक मंच पर आ गए हैं। उन्होंने कहा,
कडू ने संकेत दिए कि यदि आज की बैठक में ठोस नतीजा नहीं निकला, तो आंदोलन की रणनीति में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।
मनोज जारंगे का समर्थन
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जारंगे पाटिल ने भी इस किसान आंदोलन को खुला समर्थन दिया है। बच्चू कडू ने कहा कि जारंगे पाटिल इस आंदोलन में एक किसान के रूप में जुड़े हैं, न कि किसी जातिगत पहचान के तौर पर।
राज्य की राजनीति में किसान आंदोलन की यह नई गूंज आने वाले दिनों में सरकार के लिए चुनौती बन सकती है।
