Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

फडणवीस सरकार पर नाना पटोले का बड़ा आरोप: “ट्रैफिक पुलिस को टारगेट देकर नागरिकों से की जा रही लूट”

फडणवीस सरकार पर नाना पटोले का बड़ा आरोप: “ट्रैफिक पुलिस को टारगेट देकर नागरिकों से की जा रही लूट”

ट्रैफिक चालानों को लेकर सियासी घमासान: नाना पटोले का फडणवीस सरकार पर गंभीर आरोप, पुलिस को वसूली का टारगेट देने का दावा

भंडारा, 24 अगस्त — महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने फडणवीस सरकार पर जनता से जबरन वसूली कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पटोले का कहना है कि राज्य सरकार ने ट्रैफिक पुलिस को चालान काटने के लिए टारगेट दिए हैं, जिससे आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

पटोले ने यह मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठाया और सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे चालानों की संख्या बढ़ाएं और तय लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करें। उन्होंने आरोप को पुख्ता करने के लिए व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी सार्वजनिक किए, जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर चालान बढ़ाने के निर्देश साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।

कांग्रेस विधायक ने तीखा हमला करते हुए कहा, “सरकार अपनी राजस्व वृद्धि की योजनाएं आम जनता की जेब काटकर पूरी कर रही है। यह गरीब विरोधी और अमानवीय नीति है।”

हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में एक सोची-समझी सरकारी नीति है या फिर विपक्ष का सरकार को घेरने का एक राजनीतिक हथकंडा? सरकार की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पटोले के इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है, वहीं आम जनता भी अब सरकार से जवाब की मांग कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top