Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को तैयार रहें एजेंसियां: संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को तैयार रहें एजेंसियां: संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

मानसून पूर्व तैयारी पर जोर: संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश

नागपुर | आगामी मानसून सीजन को देखते हुए नागपुर में सोमवार को आयोजित एक अहम बैठक में संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सभी विभागों और एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से कुशलतापूर्वक निपटा जा सके।

जलाशयों और बांधों में जल स्तर कम करने के निर्देश

बिदरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में इस वर्ष समय से पहले मानसून आने की संभावना है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जताया गया है। इस संदर्भ में गोसेखुर्द, अप्पर वर्धा, ईसापुर, संजय सरोवर और मेडिकट्टा जैसे प्रमुख बांधों सहित संभाग के कुल 378 बांधों में जल स्तर नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया है। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बाढ़ की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों में जनहानि न हो।

खतरनाक होर्डिंग्स और महामारी की रोकथाम पर विशेष ध्यान

शहर में लगे खतरनाक होर्डिंग्स और बैनर्स की तत्काल समीक्षा और उन्हें हटाने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोविड या अन्य मौसमी बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। गर्भवती महिलाओं को दूरदराज के क्षेत्रों से पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना पर भी बल दिया गया।

डीडीएमए चैटबॉट और मोबाइल ऐप से सूचना प्रणाली को मजबूत करने पर जोर

बाढ़ और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को समय पर सूचना देने के लिए डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने को कहा गया है। इसके तहत भंडारा जिले द्वारा विकसित डीडीएमए चैटबॉट और ‘साथीदार’ ऐप के अलावा फ्लडवॉच जैसे ऐप्स के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया गया।

कई विभागों की भागीदारी, व्यापक प्रस्तुति

बैठक में नागपुर महानगरपालिका, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, जल संसाधन विभाग, राज्य व राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, स्वास्थ्य विभाग, वायुसेना, सशस्त्र बल, और केंद्रीय जल आयोग सहित कई एजेंसियों ने मानसून से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी। वर्धा, चंद्रपुर, गोंदिया, भंडारा और गढ़चिरौली जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में जुड़े।

आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि: बिदरी

विजयलक्ष्मी बिदरी ने अंत में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि “मानव जीवन और पशुधन की रक्षा के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए, और नागरिकों को आपात स्थिति में हरसंभव सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।”

इस बैठक को आगामी मानसून के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि विदर्भ संभाग में किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top