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“Chandrapur: ताडोबा में नयनतारा बाघिन को लेकर छोटा मटका और ब्रह्मा के बीच संघर्ष, ब्रह्मा की मृत्यु, छोटा मटका गंभीर रूप से घायल”

“Chandrapur: ताडोबा में नयनतारा बाघिन को लेकर छोटा मटका और ब्रह्मा के बीच संघर्ष, ब्रह्मा की मृत्यु, छोटा मटका गंभीर रूप से घायल”

चंद्रपुर: ताड़ोबा के खड़संगी बफर जोन में बाघों के बीच खतरनाक संघर्ष, एक बाघ की मौत, दूसरा घायल

चंद्रपुर जिले के ताड़ोबा के खड़संगी बफर जोन में गुरुवार रात एक खतरनाक घटना सामने आई, जब बाघिन नयनतारा को लेकर दो बाघों— छोटा मटका और ब्रह्मा— के बीच भयंकर संघर्ष छिड़ गया। इस लड़ाई में छोटा मटका ने ब्रह्मा को मार डाला, जबकि वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गया।

सूत्रों के अनुसार, छोटा मटका और ब्रह्मा को नयनतारा के साथ घूमते हुए देखा गया था। कुछ दिन पहले पर्यटकों ने घायल छोटा मटका को देखा था, जिसके बाद वन विभाग ने उसका पीछा करना शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान, वन विभाग को ब्रह्मा का शव मिल गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए चंद्रपुर भेज दिया गया है।

यह पहली बार नहीं है जब छोटा मटका ने किसी बाघ को मारा है। इससे पहले भी वह दो बाघों को अपनी जान से मार चुका है। पिछले तीन सालों में इस तरह के संघर्षों में अब तक आठ बाघों की जान जा चुकी है। चंद्रपुर में बाघों की बढ़ती संख्या और उनके बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते भविष्य में ऐसे संघर्ष और अधिक तीव्र हो सकते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संघर्ष बाघों के लिए प्राकृतिक तरीके से अपने क्षेत्र का निर्धारण करने का एक तरीका है, लेकिन इससे बाघों की संख्या में नुकसान भी हो सकता है।

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