“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”

नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विधानसभा सत्र में प्रमुख घोषणाओं का ऐलान, विकास के नए आयाम
नागपुर: महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विकास को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने आगामी वर्षों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का खाका पेश किया और विपक्ष द्वारा उठाए गए किसानों से जुड़े मुद्दों पर प्रतिक्रिया भी दी।
किसानों के लिए 32,000 करोड़ रुपये का पैकेज
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए 32,000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर और 2,000 करोड़ रुपये मनरेगा स्कीम के लिए निर्धारित किए गए। उन्होंने कहा कि अगले बजट में और भी वित्तीय सहायता दी जाएगी, और 91 लाख किसानों के खाते में सीधे सहायता पहुंचाई गई है। इसके अलावा, सीसीआई द्वारा कॉटन के मामले में प्रोडक्टिविटी के आधार पर खरीदारी का फैसला भी लिया गया है।
विदर्भ में सोलर मॉड्यूल में नंबर 1 बनने का लक्ष्य
फडणवीस ने यह भी कहा कि विदर्भ सोलर मॉड्यूल निर्माण में देश का नंबर 1 क्षेत्र बनेगा। गढ़चिरौली में सबसे अधिक निवेश हुआ है और वहां कुछ कंपनियों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। 2025-26 में राज्य में 91 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश आने की संभावना जताई गई है, जिसमें विदर्भ का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।
महाराष्ट्र के लिए 2030, 2035 और 2047 का विकास दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के विकास के लिए 2030, 2035 और 2047 तक के तीन फेज़ की योजना का खुलासा किया। उन्होंने राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए नए विज़न डॉक्यूमेंट को पेश किया। इसके साथ ही महाराष्ट्र के फिस्कल डेफिसिट को 3 प्रतिशत के भीतर बनाए रखने की बात भी कही।
नौकरियों का बंपर ऐलान
मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले दो साल में 1 लाख 20 हजार नौकरियां देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन नौकरियों में से 50,000 नौकरियां मराठवाड़ा में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से जुड़ी होंगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी अच्छा निवेश हो रहा है।
विदर्भ और मराठवाड़ा का विकास प्राथमिकता में
फडणवीस ने कहा कि मराठवाड़ा को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कैपिटल के तौर पर विकसित किया जा रहा है और 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश मराठवाड़ा में आने की उम्मीद है। इसके अलावा, महाराष्ट्र में सोलर, स्टील और अन्य क्षेत्रों में भारी निवेश की भी बात की गई।
सिंचाई के बैकलॉग को दूर करने की योजना
सिंचाई के मामले में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में केवल 49,000 एकड़ का बैकलॉग बाकी है, जो जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। अकोला, हिंगोली और बुलढाणा जिलों में सिंचाई क्षमता बढ़ाई जा रही है, और इन क्षेत्रों में किसानों को बेहतर पानी की उपलब्धता होगी।
बिजली उत्पादन और ग्रिड स्थिरता
राज्य में 2026 तक 12,000 MW बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद बिजली दरों में 2 प्रतिशत की कमी आएगी। इसके साथ ही राज्य को एशिया में ग्रिड स्थिरता हासिल करने का भी भरोसा दिया गया।
नागपुर से मुंबई 4 घंटे में
साथ ही, मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में भी कई योजनाओं का उल्लेख किया। लातूर-मुंबई हाईवे का निर्माण, जो अब सिर्फ 4.5 घंटे में पूरा होगा, एक महत्वपूर्ण परियोजना है। 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाईवे महाराष्ट्र के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।
किसानों के लिए लोन माफी पर विचार
राज्य में भारी बारिश के बाद फडणवीस ने किसानों के लोन माफी पर भी चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोन माफी का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा, और इसके लिए एक समिति काम कर रही है जो अगले छह महीने में एक ठोस समाधान देगी।
मुख्यमंत्री की ये घोषणाएं न केवल महाराष्ट्र के विकास के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती हैं, बल्कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और रोजगार सृजन के लिए एक रोडमैप भी प्रदान करती हैं।
