“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”

नई दिल्ली: दिल्ली में कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ पर महारैली, खरगे और राहुल देंगे सरकार को चुनौती
नई दिल्ली, 14 दिसंबर 2025: दिल्ली के रामलीला मैदान में आज कांग्रेस पार्टी ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर एक विशाल महारैली का आयोजन कर अपने अभियान को तेज कर रही है। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्य रूप से संबोधित करेंगे। सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी रैली में शामिल होंगी।
रैली में भाग लेने के लिए देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उड़ीसा जैसे विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता इंदिरा भवन में इकट्ठा होंगे और फिर विशेष बसों के माध्यम से रामलीला मैदान के लिए रवाना होंगे।
कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 55 लाख हस्ताक्षर किए
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 55 लाख हस्ताक्षर एकत्र किए हैं। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सबूतों के साथ उजागर किया और गृह मंत्री से प्रेस वार्ता में बहस की चुनौती दी, लेकिन गृह मंत्री ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
रैली के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात का अनुरोध
कांग्रेस ने इस रैली के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात का भी अनुरोध किया है। वेणुगोपाल ने कहा, “हम 5.5 करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपना चाहते हैं, ताकि वोट चोरी की समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जा सके।” यह रैली लोकसभा में चुनाव सुधारों पर हुई तीखी बहस के कुछ दिनों बाद हो रही है, जिसमें विशेष रूप से मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य चुनावी अनियमितताओं पर चर्चा की गई थी।
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर उठाए संवैधानिक सवाल
इससे पहले, शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। वे पार्टी की अनुसूचित जाति (एससी) सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने कहा कि दलितों के लिए पिछली कांग्रेस सरकारों द्वारा किए गए प्रयासों को मौजूदा सरकार ने उलट दिया है। खरगे ने बीजेपी सरकार पर आरक्षण को कमजोर करने और भेदभाव को न्यायसंगत ठहराने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने नागरिक अधिकारों के संरक्षण और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानून बनाए थे।
इस रैली के जरिए कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि ‘वोट चोरी’ और चुनावी अनियमितताओं को लेकर लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है।
