“अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा विश्वस्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’, यूपी सरकार और टाटा संस के बीच हुआ MOU”

अयोध्या में बनेगा 52 एकड़ में विश्वस्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’, यूपी सरकार और टाटा संस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
अयोध्या, 2 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ‘टाटा संस’ के सहयोग से प्रस्तावित विश्वस्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ के दायरे को और बड़ा किया गया है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना से अयोध्या को एक नया सांस्कृतिक पहचान मिलेगा, साथ ही इससे रोजगार के बड़े अवसर भी उत्पन्न होंगे।
परियोजना का विस्तार:
पहले यह परियोजना अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि पर प्रस्तावित थी, लेकिन संग्रहालय की भव्यता और विश्वस्तरीय स्वरूप को देखते हुए टाटा संस ने अधिक भूमि की आवश्यकता जताई। इसके बाद, अब परियोजना के लिए कुल 52.102 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी, जिसमें पहले की 25 एकड़ भूमि के अलावा 27.102 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी शामिल है।
यह अतिरिक्त भूमि अब पर्यटन विभाग के तहत टाटा संस को 90 साल के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से परियोजना को और भी विस्तार मिलेगा और अयोध्या में एक भव्य सांस्कृतिक स्थल का निर्माण होगा।
टाटा संस की भूमिका:
वित्त मंत्री ने बताया कि टाटा संस ने अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत इस अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय के निर्माण और संचालन का जिम्मा उठाने का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना के तहत एक गैर-लाभकारी संस्था का गठन किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
गौरतलब है कि इस परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता (एमओयू) 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित हुआ था, जिसमें टाटा संस को भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी गई थी।
यह कदम अयोध्या को न केवल एक धार्मिक स्थल के रूप में, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल है।
