“पुलिस और एलसीबी की संयुक्त कार्रवाई में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश”

वर्धा पुलिस और एलसीबी ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया
वर्धा शहर और स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े नकली भारतीय मुद्रा नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अनुराग जैन ने गुरुवार शाम को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गोंड प्लॉट स्थित केजाजी चौक में एक किरायेदार के घर पर नकली नोटों का उत्पादन किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय अपराध शाखा और वर्धा शहर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों की चार टीमों का गठन किया।
15 नवंबर की रात करीब 12:30 बजे पुलिस ने उक्त घर पर छापा मारा, जहां से ₹500 के 144 नकली नोट बरामद किए गए। इसके अलावा, नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर, लकड़ी और कांच के फ्रेम, खास कागज और स्याही की बोतलें समेत अन्य सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस ने इस छापेमारी में एक बाल अपराधी को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में ईश्वर लालसिंह यादव की पहचान की है, जो धनराज धोटे और राहुल अंबटकर के साथ मिलकर नकली नोटों का कारोबार चला रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि ये आरोपी साप्ताहिक बाजारों में नकली नोटों का आदान-प्रदान कर रहे थे। हालांकि मुख्य आरोपी ईश्वर यादव फरार हो गया है, लेकिन पुलिस ने उसके दो साथी, धनराज धोटे और राहुल अंबटकर को मालेगांव, नासिक से गिरफ्तार कर लिया है।
वर्धा पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों और गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है, और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (BNS 2023) के तहत वर्धा शहर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
इस बड़ी कार्रवाई से वर्धा में हड़कंप मच गया है, और पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय रैकेट तो नहीं चल रहा है।
