अकोला: रनवे विस्तार मंजूरी के बाद कांग्रेस-भा.ज.पा. के बीच श्रेय को लेकर राजनीतिक विवाद, बयानबाजी तेज

अकोला: शिवनी हवाई अड्डे के रनवे विस्तार को लेकर कांग्रेस-भा.ज.पा. में श्रेय की जंग, राजनीतिक विवाद गहरा
अकोला: पश्चिमी विदर्भ के प्रमुख हवाई अड्डे, अकोला स्थित शिवनी एयरपोर्ट के रनवे विस्तार का काम अब शीघ्र शुरू होने वाला है, क्योंकि राज्य सरकार की शक्ति प्रदाता समिति ने इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण निधि की मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस अहम फैसले के बाद अकोला में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है, और कांग्रेस-भा.ज.पा. के बीच श्रेय को लेकर विवाद छिड़ गया है।
शिवनी एयरपोर्ट के रनवे विस्तार को लेकर वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद, अब इस परियोजना का विस्तार 1400 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 208.76 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जो हवाई अड्डे के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रनवे विस्तार के लिए पहले डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की 60.68 हेक्टेयर भूमि हवाई अड्डा प्राधिकरण को दी गई थी, लेकिन अब 22.24 हेक्टेयर निजी भूमि की आवश्यकता है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने साफ किया है कि बिना इस भूमि के, हवाई अड्डे का विस्तार संभव नहीं होगा।
इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। कांग्रेस विधायक साजिद खान का दावा है कि उन्होंने सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखा, जबकि भाजपा नेता विजय अग्रवाल ने इसे मुख्यमंत्री और अधिकारियों की सक्रियता का परिणाम बताया।
स्थानीय नेताओं के बयानों के बीच, अकोला के लोग अब यह चाहते हैं कि यह लंबित कार्य जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि जिले के विकास में गति मिल सके। हालांकि, इस परियोजना के लिए वर्षों से चल रही बैठकें और चर्चा के बावजूद, अब तक इसे साकार रूप नहीं मिल पाया है। अकोलकरों की आम भावना यही है कि हवाई अड्डे का विस्तार जल्द पूरा हो, बजाय इसके कि राजनीतिक दलों के बीच इसे लेकर श्रेय की लड़ाई चले।
