Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग: मोजरी बाईपास पर गलत साइनबोर्ड से बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका, यात्री और वाहन चालक परेशान

नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग: मोजरी बाईपास पर गलत साइनबोर्ड से बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका, यात्री और वाहन चालक परेशान

मोजरी बाईपास पर गलत दिशा सूचक बोर्ड से बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका

अमरावती: नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोजरी बाईपास के पास लगे दिशा सूचक बोर्ड ने वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। बोर्ड पर “गुरुकुंज मोजरी – 3.50 किमी” की दूरी दर्शाई गई है, जबकि वास्तविक दूरी महज डेढ़ से दो किलोमीटर है। इस भ्रमित करने वाले संकेत ने न केवल यातायात में उलझन पैदा की है, बल्कि तेज रफ्तार के चलते सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गलत दूरी के कारण वाहन चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं, विशेषकर रात के समय, जब अंधेरे और खराब साइनबोर्ड के कारण रास्ता पहचानने में कठिनाई होती है। इसके परिणामस्वरूप अक्सर तेज गति से मोड़ लेने पर दुर्घटनाएँ हो रही हैं। पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में हादसों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, और हर सप्ताह औसतन एक या दो दुर्घटनाएँ हो रही हैं।

मोजरी बाईपास पर स्थित होटल साईं कृपा के पास लगे इस साइनबोर्ड ने क्षेत्रीय नागरिकों के साथ-साथ यात्रियों में भी नाराजगी पैदा की है। यह गलत दिशा और दूरी को लेकर प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, और स्थानीय लोग इस समस्या को सुलझाने के लिए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इसी के साथ, बाईपास क्षेत्र में यातायात की अव्यवस्था भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोग बताते हैं कि गलत दिशा संकेतों और नष्ट हो चुके सड़क संकेतों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या भी लगातार बनी रहती है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक लोहे का पुल भी महीनों से टूटा पड़ा है, जिसे ठीक करने के लिए प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।

स्थानीय दल और सामाजिक संगठन कई बार एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से स्पीड ब्रेकर, चेतावनी चिह्न और सही दिशा सूचक बोर्ड की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नागरिक इस स्थिति से बेहद नाराज हैं और सुधार की उम्मीद लगाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top