नागपुर पुलिस ने 21 राज्यों में फैले अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी रैकेट का किया पर्दाफाश, 23 आरोपी गिरफ्तार

नागपुर, 13 नवंबर 2025 – नागपुर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा किया है, जिसने देश के 21 राज्यों में करोड़ों रुपए का घोटाला किया। इस गिरोह ने लगभग 20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर की, और इसे हवाला, ऑनलाइन सट्टेबाजी, और क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेश भेजा। अब तक, पुलिस ने 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दो अन्य की तलाश जारी है।
नागपुर पुलिस आयुक्त, डॉ. रविंद्र सिंगल ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह ने पूरे देश में अपने जाल को फैलाया था और लगभग 200 मामलों में संलिप्त था। उनकी गिरफ्तारी के बाद अन्य राज्यों की पुलिस भी इस रैकेट के बाकी आरोपियों को पकड़ने की तैयारी कर रही है।
धोखाधड़ी की साजिश:
यह रैकेट खासतौर पर मजदूरों और आम लोगों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी उन्हें व्यापार में साझेदारी का झांसा देते थे और फिर उनके दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड इत्यादि जुटाकर उनके नाम पर बैंक खाते खोलते थे। इन खातों का इस्तेमाल हवाला, ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और अन्य गैरकानूनी लेन-देन के लिए किया जाता था। खाते धारकों को इस बात का अंदाजा भी नहीं होता था कि उनके खाते में इतनी बड़ी रकम जमा हो रही है और उसे बिना उनकी जानकारी के निकाला जा रहा है। उन्हें बस 20 से 25 हजार रुपये कमीशन के रूप में दिए जाते थे।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन:
नागपुर पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार विदेशों तक फैले हुए थे। हवाला और अन्य गैरकानूनी लेन-देन के जरिए यह गिरोह भारत से अवैध रूप से बड़ी रकम कंबोडिया और चीन भेज रहा था। पुलिस ने आरोपियों से बड़ी संख्या में सिम कार्ड, मोबाइल फोन और लगभग 54 लाख रुपये की नकदी जब्त की है।
कैसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़?
नागपुर पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य एक स्थान पर ज्यादा समय तक नहीं रहते थे। वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे और गिरोह के सदस्य एक जगह बैठकर इस तरह की धोखाधड़ी करते थे। पुलिस को पहली बार गोंदिया जिले से एक खाताधारक के खाते में अचानक 1.73 करोड़ रुपये जमा होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरोह के सदस्यों का मुख्य संचालन टेलीग्राम एप के जरिए किया जाता था, जिस पर वे हवाला, ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजैक्शन की जानकारी साझा करते थे।
गिरोह के खिलाफ कार्रवाई:
नागपुर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का नेटवर्क इतना बड़ा था कि इसमें 28 लोग शामिल थे, जिनमें से कई आरोपी अभी भी फरार हैं। गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र में कुल 25 मामले दर्ज किए गए हैं, और पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र सिंगल ने इस सफलता को नागपुर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह गिरोह अपने कनेक्शनों का इस्तेमाल करके देशभर में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर रहा था और अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
नागपुर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई:
नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच और आर्थिक शाखा ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपियों से कई बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की और लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया है। इस गिरोह के खिलाफ नागपुर पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी राज्य की पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इन आरोपियों से और जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पूरा नेटवर्क तोड़ा जा सके।
