“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”

चंद्रपुर: अवैध रेत परिवहन में पकड़े गए हाइवा को छोड़ने के मामले में एसडीपीओ जाधव पर गंभीर आरोप, विधानसभा में उठी निलंबन की मांग
चंद्रपुर, 14 दिसंबर 2025: अवैध रेत परिवहन के आरोप में पकड़े गए हाइवा को लगभग दस दिनों तक बिना किसी कार्रवाई के थाने में खड़ा रखने और उसके बाद आर्थिक लेन-देन के बाद उसे छोड़ देने के मामले का खुलासा यु सी एन ने किया। इस मामले में ब्रह्मपुरी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) राकेश जाधव पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस महानिरीक्षक को भेजी गई थी, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इस प्रकरण को लेकर शनिवार को कांग्रेस विधानमंडल के नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में लक्षवेधी प्रश्न उठाकर एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग की। वहीं, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए मामले को जोरदार तरीके से विधानसभा में उठाया। इसके परिणामस्वरूप सदन में हंगामा (रणकंदन) देखा गया।
विधानसभा में पूछे गए सवालों में विधायक मुनगंटीवार ने सीधे तौर पर यह सवाल उठाया कि जब जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है, तो आखिर एसडीपीओ जाधव के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने आरोप लगाया कि जाधव को बचाने के लिए बड़ी लॉबिंग चल रही है। वहीं, विधायक वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि इस मामले में जांच के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई न होना सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है।
क्या है मामला?
28 अक्टूबर 2025 की रात ब्रह्मपुरी के एसडीपीओ राकेश जाधव ने चिमूर में अवैध रेत परिवहन करते हुए एमएच-36-एए-9833 नंबर के हाइवा को पकड़ा था। लेकिन, इस हाइवा पर कोई कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, एसडीपीओ जाधव ने उसे चिमूर थाने में लगभग दस दिनों तक खड़ा रखा। जांच में सामने आया कि हाइवा मालिक ने 50 हजार रुपये की रकम एसडीपीओ को दी थी, जिसके बाद बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाए हाइवा को छोड़ दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक की समिति बनाई, और रिपोर्ट पुलिस महानिरीक्षक को भेजी। इसके बावजूद अब तक एसडीपीओ जाधव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरते हुए कार्रवाई की मांग की है। गृह राज्यमंत्री ने इस मामले में उचित जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन इस पूरे प्रकरण पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
आगे क्या होगा?
विधानसभा में उठे हंगामे और गंभीर आरोपों के बाद यह देखना बाकी है कि क्या एसडीपीओ राकेश जाधव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, या फिर उन्हें बचाने के लिए किसी बड़ी लॉबिंग का असर होगा। पुलिस प्रशासन और सरकार के लिए यह एक चुनौती बन गई है, और इस मामले की जांच पर सभी की नजरें हैं।
