दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़, पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार

दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल फैक्ट्री का खुलासा, पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन ‘साइबरहॉक’ के तहत करोल बाग स्थित मोबाइल हब में एक नकली मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1826 तैयार और आधे-तैयार मोबाइल फोन बरामद किए। यह गिरोह पुराने मोबाइलों के मदरबोर्ड पर चाइनीज सॉफ्टवेयर के जरिए नए IMEI नंबर डालकर उन्हें बाजार में सप्लाई करता था। बरामद किए गए मोबाइल फोन नॉन-ट्रेसेबल चाइनीज IMEI नंबरों से लैस थे, जिससे इन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह चाइना से पुराने मोबाइल पार्ट्स और नए पार्ट्स मंगवाता था। इसके बाद, इन्हें असेंबल कर नए मोबाइल बनाने का काम किया जाता था। गिरोह का प्रमुख सदस्य अशोक है, जो चीन से लगातार संपर्क में रहता था। अशोक और उसके साथी करोल बाग के एक दुकान में इन मोबाइलों को असेंबल कर रहे थे। पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वे पुराने और चोरी के मोबाइलों को सस्ते दामों पर खरीदते थे और फिर चाइनीज सॉफ्टवेयर से उनके IMEI नंबर बदलकर नए मोबाइल के रूप में बाजार में बेचते थे।
इस गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ था, और वे इन नकली मोबाइलों को गफ्फार मार्केट समेत अन्य मोबाइल बाजारों में बेचते थे। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी निधिन वलसन ने कहा कि यह गिरोह पिछले दो साल से चोरी, साइबर अपराध और अन्य अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन तैयार कर रहा था।
पुलिस ने इस मामले में चाइनीज कनेक्शन की जांच भी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, गिरोह के कुछ सदस्य चीन से मोबाइल पार्ट्स मंगवाते थे और इनका उपयोग अवैध रूप से मोबाइल असेंबल करने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह के चीन से जुड़े कनेक्शन और इन नकली मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर गहरी जांच कर रही है।
पुलिस ने यह भी कहा कि जांच जारी है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं, साथ ही इस गिरोह के अन्य नेटवर्क्स का भी पर्दाफाश किया जाएगा।
