Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

जयपुर के रिहायशी इलाके में घूम रहे तेंदुए को पकड़ा गया, दुकान में छिपा था; 3 घंटे चला रेस्क्यू अभियान

जयपुर के रिहायशी इलाके में घूम रहे तेंदुए को पकड़ा गया, दुकान में छिपा था; 3 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 

जयपुर: रिहायशी इलाके में घूम रहे तेंदुए को 3 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद पकड़ा गया

जयपुर: जयपुर के चांदपोल इलाके के एक रिहायशी क्षेत्र में देर रात एक तेंदुआ घूमता हुआ पाया गया। वन विभाग और पुलिस ने लगभग तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसे पकड़ लिया। तेंदुआ एक दुकान में छिपा हुआ था, जहां दुकानदार ने शटर बंद कर पुलिस और वन अधिकारियों को सूचित किया। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ बेहोश करने वाली दवा (ट्रैंक्विलाइजर) से पकड़ा गया और उसे सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया गया।

यह घटना गुरुवार रात की है, जब तेंदुआ संजय सर्किल से चांदपोल इलाके तक पहुंचने के बाद एक घर के अंदर घुस गया। वन विभाग ने बताया कि यह तेंदुआ इससे पहले शास्त्री नगर और विद्याधर नगर में भी देखा गया था। इससे पहले बुधवार रात को कल्याण कॉलोनी और सीकर हाउस इलाकों में भी तेंदुए के दिखने की खबरें आई थीं, जिसके बाद लोग डरे हुए थे और घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे।

तेंदुए की आवाजाही को लेकर जयपुर में चिंता बढ़ गई है। हाल के दिनों में रिहायशी इलाकों में तेंदुए की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोग खासे घबराए हुए हैं। पिछले हफ्ते, जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में भी एक तेंदुआ देखा गया था, जो एक मंत्री के बंगले और एक स्कूल के अंदर घूम रहा था।

तेंदुए की बढ़ती उपस्थिति: विशेषज्ञों का क्या कहना है?
जयपुर के पास स्थित झालाना और नाहरगढ़ के जंगलों में तेंदुओं की बड़ी संख्या मानी जाती है। वन अधिकारियों का मानना है कि इन जंगलों में तेंदुओं की आबादी बढ़ने के कारण अब वे शहरी इलाके में भी आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में तेंदुए के दिखने की मुख्य वजह उनकी बढ़ती संख्या, शिकार के अवसरों में कमी और वन क्षेत्रों की शहरी सीमा तक विस्तार है।

जंगल से सटे इलाकों में तेंदुए की गतिविधि
जयपुर के कई इलाकों जैसे मालवीय नगर, जगतपुरा, विद्याधर नगर और शास्त्री नगर में तेंदुए की लगातार मौजूदगी की खबरें सामने आई हैं। इससे पहले, राजस्थान विश्वविद्यालय के परिसर और स्मृति वन में भी तेंदुए देखे गए थे, जिसके चलते इन स्थानों को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था।

जैसे-जैसे तेंदुओं की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में कड़ी निगरानी रख रहे हैं और तेंदुओं को शहरी इलाकों से बाहर करने के लिए प्रयासरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top