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“चंद्रशेखर बावनकुले ने शिंदे की नाराजगी की खबरों को खारिज किया, कहा—समन्वय के तहत हुई अमित शाह से मुलाकात”

“चंद्रशेखर बावनकुले ने शिंदे की नाराजगी की खबरों को खारिज किया, कहा—समन्वय के तहत हुई अमित शाह से मुलाकात”

नागपुर: शिंदे की नाराज़गी की अटकलों पर बावनकुले का जवाब—“अमित शाह से मुलाकात सिर्फ समन्वय बैठक, नाराज़गी जैसी कोई बात नहीं”

नागपुर: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाराज़ होने की खबरों को लेकर उठ रही चर्चाओं पर आज राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विराम लगा दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि शिंदे की नाराजगी का दावा पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिंदे की मुलाकात केवल केंद्र और राज्य के बीच शहरी विकास तथा अन्य समन्वय विषयों को लेकर हुई थी।

बावनकुले ने कहा कि NDA सरकार में शीर्ष नेतृत्व से समय-समय पर मुलाकात करना सामान्य प्रक्रिया है और इसे गलत तरीके से विवाद या असहमति के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने इन खबरों को “कपोल-कल्पना” बताया।

कांग्रेस पर BJP का हमला, 2029 पर बड़ा दावा
नागपुर की स्थानीय राजनीति में चल रही कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर भी बावनकुले ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नागपुर जिला कांग्रेस की गुटबाजी इतनी बढ़ चुकी है कि इसका असर 2029 के विधानसभा चुनाव में साफ नजर आएगा। उनका दावा है कि लगातार जारी आंतरिक मतभेदों के चलते कांग्रेस आने वाले वर्षों में महाराष्ट्र की “सबसे छोटी पार्टी” बनकर रह जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि वडेट्टीवार, मूलक और सुनील केदार जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता BJP में शामिल हो रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस के भीतर “नेता एक-दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते।” बावनकुले के अनुसार, यही अंदरूनी कलह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है और वे तेजी से BJP की ओर रुख कर रहे हैं।

इन बयानों के साथ बावनकुले ने न केवल शिंदे की नाराज़गी की अटकलों को खारिज किया, बल्कि नागपुर की सियासत में कांग्रेस की स्थिति पर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।

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