बुलढाणा: महापौर पद के लिए परिवारवाद पर हंगामा, उम्मीदवार के चयन से कार्यकर्ताओं में नाराज़गी

बुलढाणा नगर पालिका चुनाव: पारिवारिक राजनीति का बोलबाला, कार्यकर्ताओं में नाराजगी
बुलढाणा: बुलढाणा जिले के नगर पालिका चुनाव में एक बार फिर पारिवारिक राजनीति का असर साफ दिखाई दे रहा है। आगामी चुनावों में महापौर और नगरसेवक पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और इस बार के चुनावों में प्रमुख राजनैतिक दलों द्वारा अपने ही परिवार के सदस्य को मैदान में उतारा गया है।
शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने अपनी पत्नी पूजा गायकवाड़ को महापौर पद के लिए नामांकित किया है। वहीं, भाजपा ने भी अपनी पूर्व विधायक और संजय गायकवाड़ की प्रतिद्वंदी विजयराज शिंदे को चुनावी रण में उतारा है। विजयराज शिंदे तीन बार विधायक रह चुकी हैं, और अब वे बुलढाणा नगर पालिका के महापौर पद के लिए चुनावी मैदान में हैं।
इसके अलावा, खामगांव नगर पालिका चुनाव में श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने अपनी साली अपर्णा फुंडकर को महापौर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। इस निर्णय से सत्ताधारी दल में बढ़ती भाई-भतीजावाद की भावना के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। कार्यकर्ता इस निर्णय को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनका काम केवल चुनावी रणनीतियों में सहायक बनकर रह जाना है, या उन्हें भी नेतृत्व का मौका मिलना चाहिए।
इस स्थिति ने स्थानीय राजनीति में परिवारवाद के प्रभाव को और मजबूत कर दिया है, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष फैलने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि इन नामांकनों के बीच आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का रुझान किस ओर रहेगा।
