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एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का नया कॉर्पोरेट लुक, मरीजों के रिश्तेदारों के लिए मिलेगा आश्रय

एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का नया कॉर्पोरेट लुक, मरीजों के रिश्तेदारों के लिए मिलेगा आश्रय

नागपुर के मेडिकल अस्पताल में परिवर्तन: मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए आश्रय केंद्र और कॉर्पोरेट लुक की शुरुआत

नागपुर: मध्य भारत के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, नागपुर स्थित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अब नया बदलाव देखने को मिलेगा। इस अस्पताल का रूप अब एक कॉर्पोरेट लुक में बदला जा रहा है, जिससे न केवल मरीज़ों के इलाज की प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि उनके रिश्तेदारों के लिए भी नई सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।

नागपुर, विदर्भ, और आसपास के राज्यों—जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़—से मरीज़ों का इलाज यहाँ किया जाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अस्पताल को और भी बेहतर बनाने के लिए भारी धनराशि का प्रावधान किया है, ताकि गरीबों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। इस अस्पताल में अब रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, बहुमंजिला पार्किंग और मरीज़ों के परिजनों की देखभाल जैसी नई सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि अस्पताल में मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए विशेष आश्रय केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। रोज़ाना हज़ारों मरीज़ों के साथ उनके परिजन भी अस्पताल में रहते हैं, लेकिन पहले इन्हें कोई ठोस सुविधाएँ नहीं मिलती थीं। अब इस समस्या का समाधान करते हुए, अस्पताल परिसर में 11 नए आश्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें पंखे, गर्म पानी, शौचालय, कुर्सियाँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ मौजूद होंगी। हर केंद्र में 200 लोगों की क्षमता होगी, जिससे एक समय में 2200 से अधिक लोग यहाँ रह सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मरीज़ों और उनके परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। यह पहल अस्पताल को और भी व्यापक रूप से उत्कृष्ट बनाएगी, जिससे मरीज़ों को न केवल बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि उनके रिश्तेदारों को भी राहत मिलेगी।

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