“यवतमाल में शरद पवार की पार्टी को बड़ा झटका, पूर्व विधायक बाजोरिया ने एनसीपी को कहा ‘राम-राम'”

यवतमाल: संदीप बाजोरिया ने शरद पवार की एनसीपी को दिया करारा झटका, इस्तीफा देते हुए कहा – ‘काम करने का मौका नहीं मिला’
यवतमाल में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व विधायक संदीप बाजोरिया ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने का ऐलान किया और स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ने का इरादा नहीं रखते।
बाजोरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि एनसीपी ने उन्हें हमेशा सिर्फ़ आश्वासन दिया, लेकिन कभी उन्हें पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “यहां काम करने का कोई अवसर नहीं था, और ऐसे माहौल में राजनीति करना संभव नहीं है।”
पूर्व विधायक ने यह भी बताया कि उन्हें राजनीति में लाने का श्रेय उपमुख्यमंत्री अजित पवार को जाता है, और एनसीपी में रहते हुए उन्होंने पार्टी के एक बड़े नेता के रूप में पहचान बनाई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बाजोरिया का इस्तीफा पार्टी के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है, खासकर जब स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति और अघाड़ी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद जारी है। बाजोरिया ने इस अवसर पर यवतमाल के विधायक बालासाहेब मांगुलकर और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रवीण देशमुख समेत एनसीपी के अन्य नेताओं पर भी तीखा हमला किया।
उन्होंने जिला बैंक में पदों की भर्ती को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी नहीं है। उनके आरोपों से यह साफ हो गया कि बाजोरिया का एनसीपी से मोहभंग हो चुका है और वह अब किसी नई राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ने का मन बना चुके हैं।
अब देखना यह होगा कि बाजोरिया का इस्तीफा और उनके आरोप पार्टी की चुनावी रणनीतियों को किस हद तक प्रभावित करेंगे।
