Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

जीरो माइल मेट्रो टनल परियोजना: उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया, महा मेट्रो से अनुमतियों और सुरक्षा मानकों की मांगी जानकारी

जीरो माइल मेट्रो टनल परियोजना: उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया, महा मेट्रो से अनुमतियों और सुरक्षा मानकों की मांगी जानकारी

नागपुर: जीरो माइल मेट्रो टनल परियोजना पर उच्च न्यायालय का स्वत: संज्ञान, महा मेट्रो से सुरक्षा अनुमतियों की मांगी जानकारी

नागपुर, 13 नवम्बर 2025 – नागपुर में प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो टनल परियोजना को लेकर उच्च न्यायालय ने गंभीर सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने महा मेट्रो से यह जानकारी मांगी है कि परियोजना के लिए आवश्यक सभी अनुमतियाँ प्राप्त की गई हैं या नहीं, और यह सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया हो।

सुरक्षा खतरों पर न्यायालय की गहरी नजर

नागपुर के जीरो माइल मेट्रो टनल परियोजना को लेकर बंबई उच्च न्यायालय ने सुरक्षा संबंधी सभी संभावित खतरों का स्वत: संज्ञान लिया। इस परियोजना के लिए पहले से ही एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महा मेट्रो ने सुरक्षा विभाग से आवश्यक निर्माण अनुमतियाँ प्राप्त नहीं की हैं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह आग्रह किया था कि यदि बिना सुरक्षा विभाग की मंजूरी के टनल का निर्माण किया जाता है, तो यह नागपुर शहर और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

कोर्ट ने मांगी अनुमतियों और सुरक्षा मानकों की जानकारी

न्यायमूर्ति एड. कुलदीप महलले की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में अदालत ने महा मेट्रो से पूछा कि परियोजना के लिए कुल 13 विभागों से मंजूरी प्राप्त की गई है या नहीं। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि किस विभाग से अनुमति अभी प्राप्त नहीं हुई है और क्या वह सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। अदालत ने महा मेट्रो को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक सभी अनुमतियों का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करें।

अगली सुनवाई 19 नवंबर को

अदालत ने महा मेट्रो को 19 नवंबर तक सभी जरूरी दस्तावेजों और अनुमतियों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा है। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि भी निर्धारित कर दी है।

विशेषज्ञों का मत

इस परियोजना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह नागपुर के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है, लेकिन सुरक्षा और अनुमतियों के बिना इसका निर्माण नागपुर शहर के लिए एक बड़ा जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना के सुरक्षित और सही तरीके से कार्यान्वयन से ही नागपुर में मेट्रो नेटवर्क की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।

सुरक्षा चिंताओं के बीच, महा मेट्रो को मिला अदालत का सख्त आदेश

इस पूरे घटनाक्रम में महा मेट्रो पर सुरक्षा अनुमतियों और मानकों का कड़ाई से पालन करने का दबाव बढ़ गया है। अब यह देखना होगा कि महा मेट्रो इन जरूरी दस्तावेजों को अदालत में प्रस्तुत करने में सक्षम होती है या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top