“अकोला: दोहरी मुसीबत में कपास उत्पादक किसान, माल बेचने के लिए करना पड़ रहा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन”

अकोला: कपास उत्पादक किसानों को दोहरी मुसीबत, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से बढ़ी परेशानियाँ
अकोला: इस साल कपास उत्पादक किसानों के लिए स्थिति बेहद कठिन हो गई है। एक तरफ बेमौसम बारिश ने फसल को प्रभावित किया है, तो दूसरी तरफ कपास बेचने के लिए किसानों को अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पिछले हफ़्ते हुई बेमौसम बारिश ने कपास की फसल को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिसके कारण उत्पादन में गिरावट देखने को मिल रही है। किसानों के लिए यह समय और भी कठिन हो गया है, क्योंकि बारिश के कारण खेतों में कपास भीग गई है और कटाई का काम 10 से 12 से लेकर 15 रुपये प्रति किलो की दर से हो रहा है। इसके अलावा, मज़दूरों की कमी भी किसानों के लिए एक और चुनौती बन गई है।
कृषि मौसम की शुरुआत में किसानों को सोयाबीन से उम्मीदें थीं, लेकिन लगातार बारिश के कारण यह फसल पूरी तरह से खराब हो गई और कटाई-थ्रेसिंग का खर्च भी नहीं निकल पाया। इससे किसान पहले ही आर्थिक संकट से गुजर रहे थे, लेकिन कपास की फसल से उन्हें कुछ राहत मिली थी। अब कपास पर भी संकट आ गया है।
बेमौसम बारिश से बची कपास को लेकर किसानों के मन में संदेह और डर था कि कहीं यह भी बर्बाद न हो जाए। साथ ही, अब कपास बेचने के लिए किसानों को “किसान ऐप” पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ रहा है, जो एक और प्रशासनिक झंझट बन गया है। ग्रामीण इलाकों से किसानों के बीच ये शिकायतें आ रही हैं कि इस साल कपास की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है, और अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है।
किसानों का कहना है कि पहले ही खराब मौसम और मजदूरों की कमी के कारण वे दोहरी मुसीबत में हैं, और अब प्रशासनिक प्रक्रियाओं ने उनके लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस परिस्थिति में किसान सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं ताकि वे इन संकटों से उबर सकें।
