पुणे भूमि विवाद: विजय वडेट्टीवार का बड़ा आरोप—‘पार्थ पवार ने किया 300 करोड़ का घोटाला, ED-CBI हैं कहाँ?’

विजय वडेट्टीवार का आरोप: ‘पार्थ पवार ने पुणे भूमि विवाद में 300 करोड़ का घोटाला किया, ED और CBI कहाँ हैं?’
नागपुर/पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति में तूफान मचाने वाले एक नए आरोप में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने पार्थ पवार (अजित पवार गुट) पर पुणे में सरकारी ज़मीन के अवैध लेन-देन और बिक्री में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। वडेट्टीवार ने इसे सरकारी धोखाधड़ी बताते हुए आरोप लगाया कि पार्थ पवार ने 350 करोड़ रुपये की सरकारी ज़मीन को नियमों की अनदेखी करके बेच डाला। उन्होंने इस घोटाले की गहरी जांच की मांग की है और पार्थ पवार तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी अपील की है।
सरकारी ज़मीन के लेन-देन पर सवाल उठाते हुए वडेट्टीवार ने कहा—
“सरकारी ज़मीन के नियमों के तहत यह बिक्री कैसे हुई? जब ज़मीन का मालिकाना हक़ साफ़ नहीं था और यह सातबारा रिकॉर्ड पर केंद्रीय कार्यालय के नाम था, तो यह बिक्री कैसे हो गई?” वडेट्टीवार ने यह भी आरोप लगाया कि 300 ज़मीन मालिकों के नाम पर यह ज़मीन वापस की जानी चाहिए, क्योंकि इसका असली मालिकाना हक़ उन्हीं का है।
पावर ऑफ अटॉर्नी पर गंभीर आरोप
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में तेजवानी नामक व्यक्ति शामिल था, जिसने पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर सरकारी ज़मीन को बिना मूल मालिकों की अनुमति के बेच दिया। उन्होंने इसे पूरी तरह से गैरकानूनी और धोखाधड़ी का मामला बताया।
ईडी और सीबीआई पर सवाल
वडेट्टीवार ने ईडी और सीबीआई से इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “क्या ये जांच एजेंसियां सो रही हैं? इस घोटाले में राज्य सरकार के साथ धोखा किया गया है और इसे सख्त जांच की आवश्यकता है।”
स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी चोरी का आरोप
वडेट्टीवार ने यह भी आरोप लगाया कि 300 करोड़ रुपये के लेन-देन में स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी चोरी की गई है। एक आईटी कंपनी के नाम पर 21 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी छूट दी गई, जो पूरी तरह से अनियमित था। इसके अलावा, यह लेन-देन महज 500 रुपये के बॉन्ड पर हुआ, जो एक बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।
पुणे में और भी घोटाले का दावा
वडेट्टीवार ने दावा किया कि पुणे में ऐसे 50 और मामले हैं जिनमें स्टाम्प ड्यूटी की चोरी के सबूत मिल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के आशीर्वाद से 1800 करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति की हेराफेरी हो रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया, “क्या वह सत्ता बचाने के लिए इस मामले की अनदेखी करेंगे?”
1 लाख करोड़ का घोटाला उजागर होने की चेतावनी
वडेट्टीवार ने चेतावनी दी कि अगर पुणे में इस मामले की सही से जांच की जाती है तो एक लाख करोड़ रुपये का घोटाला सामने आ सकता है।
