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बुलढाणा: नगर निगम चुनावों में राजनीतिक तकरार, गायकवाड ने उठाया चिखली महापौर का मुद्दा

बुलढाणा: नगर निगम चुनावों में राजनीतिक तकरार, गायकवाड ने उठाया चिखली महापौर का मुद्दा

बुलढाणा: नगर निगम चुनावों को लेकर बुलढाणा में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इस राजनीतिक उठापटक में विधायक संजय गायकवाड ने नया बम फोड़ते हुए शिंदे गुट को चिखली महापौर का पद देने की पेशकश की है। गायकवाड ने यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अगर गठबंधन करना है, तो पूरे जिले की सभी तहसीलों में सम्मानजनक रूप से समझौता होना चाहिए, न कि एकतरफा तरीके से। उन्होंने चिखली महापौर का पद शिंदे गुट को देने की बात की और इसके बदले में बुलढाणा की सीट छोड़ने का सुझाव दिया।

इस प्रस्ताव पर भाजपा जिला अध्यक्ष का कहना है कि चिखली की महापौर सीट पर भाजपा का अधिकार है, क्योंकि पिछली बार वहाँ भाजपा का महापौर चुना गया था। इसलिए, शिवसेना या शिंदे गुट को इस सीट पर दावा करने का कोई अधिकार नहीं है। उनका कहना था कि चिखली की सीट भाजपा के पास रहेगी, और अब सवाल केवल बुलढाणा सीट पर उठता है।

वहीं, शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता विजयराज शिंदे ने इसे चुनौती देते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों से चिखली में न तो भाजपा का महापौर रहा है, न ही शिंदे गुट का। ऐसे में चिखली की महापौर सीट पर पूछने का सवाल नहीं उठता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर बुलढाणा की महापौर सीट भाजपा के लिए खाली होती है, तो शिंदे गुट गठबंधन में सहयोग करने के लिए तैयार है।

इस प्रकार, चुनावों को लेकर गठबंधन की स्थिति अभी तक अनिश्चित बनी हुई है, और यह देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में गठबंधन के लिए क्या नया मोड़ आता है।

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