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बोर टाइगर रिजर्व विस्तार को मंजूरी: 2,328 हेक्टेयर नया क्षेत्र जोड़ा जाएगा, 1,122 परिवारों को मिलेगा 15-15 लाख रुपये मुआवज़ा

बोर टाइगर रिजर्व विस्तार को मंजूरी: 2,328 हेक्टेयर नया क्षेत्र जोड़ा जाएगा, 1,122 परिवारों को मिलेगा 15-15 लाख रुपये मुआवज़ा

नागपुर: बोर टाइगर रिजर्व का विस्तार मंजूर, 2,328 हेक्टेयर क्षेत्र जोड़ा जाएगा — 1,122 परिवारों को मिलेगा पुनर्वास पैकेज

नागपुर जिले के बोर टाइगर रिजर्व के विस्तार प्रस्ताव को आखिरकार केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही वन विभाग ने अब क्षेत्र विस्तार और प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम बाघ संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष दोनों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई अधिसूचना के अनुसार, 2,328.12 हेक्टेयर भूमि को टाइगर रिजर्व में शामिल किया गया है। इसमें मेटेझरी, गरमपूर, उमरीझिरी, डेउलघाट और मंदरपुर जैसे पांच गांवों का समावेश होगा। इन गांवों की कृषि भूमि, वन क्षेत्र, चारागाह, सड़कें और जलस्रोत अब रिजर्व की सीमा के भीतर आ जाएंगे।

इस विस्तार के चलते लगभग 1,122 परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा। प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपये मुआवज़ा दिए जाने की योजना है। प्रारंभिक मंजूरी वर्ष 2020 में मिली थी, जबकि 2024 में नए मूल्यांकन के बाद 550 करोड़ रुपये का पुनर्वास बजट तय किया गया है।

स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से वन्यजीवों के खतरे और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना किया है। पुनर्वास के बाद इन परिवारों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं वाले स्थानों पर बसाने की योजना है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

इस विस्तार से बोर टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 24 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ जाएगा, जिससे यह संरक्षित क्षेत्र और भी सशक्त होगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

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