“70 सालों से किसानों के साथ अन्याय, सरकारें रहीं नाकाम: जारंगे पाटिल बोले — अब मदद करने का सही समय”

नागपुर में किसान आंदोलन ने पकड़ा जोर, मनोज जारंगे पाटिल बोले — “70 साल में हर सरकार ने किसानों को लूटा, अब मदद का सही समय”
नागपुर, महाराष्ट्र:
मराठा आरक्षण की लड़ाई से सुर्खियों में आए नेता मनोज जारंगे पाटिल ने अब किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा है। नागपुर में जारी किसान आंदोलन में शामिल होकर उन्होंने कहा कि “पिछले 70 सालों में हर सरकार ने किसानों को लूटा है, किसी ने भी उनकी हालत सुधारने की ईमानदार कोशिश नहीं की।”
जारंगे ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ़ कर्ज़ माफी का नहीं बल्कि किसान सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि बच्चू कडू सहित सभी किसान नेताओं का एक मंच पर आना राज्य की राजनीति के लिए बड़ा संदेश है। “जब किसान एकजुट होते हैं, तब सरकारें झुकती हैं,” जारंगे ने कहा।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के नुकसान की भरपाई 100% मुआवज़े के रूप में किए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा। “सरकार अगर कोई चाल चलेगी, तो हम पलटवार करने से पीछे नहीं हटेंगे,” उन्होंने स्पष्ट किया।
बच्चू कडू का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी
प्रहार पार्टी प्रमुख बच्चू कडू के नेतृत्व में नागपुर में चल रहा किसान आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कडू आज मुंबई में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाक़ात करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर इस बैठक में लोन माफी की तारीख तय नहीं हुई, तो 31 अक्टूबर को रेलवे बंद आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जारंगे पाटिल ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर बच्चू कडू से मुलाक़ात की और किसानों के बीच एकजुटता का संदेश दिया। प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा, “किसानों की हालत इतनी खराब है कि अब कुछ हज़ार रुपये का मुआवज़ा उनकी ज़िंदगी नहीं बदल सकता। जब फ़सलें, पशुधन, घर और ज़मीन सब बह गए हों, तो हमें 100 प्रतिशत मुआवज़ा चाहिए।”
“अब नहीं तो कभी नहीं”
जारंगे ने कहा कि यह किसानों के लिए निर्णायक समय है। “70 साल में सरकारें सिर्फ़ वादे करती रहीं। अब अगर सरकार काम नहीं करेगी, तो किसान खुद रास्ता तय करेंगे। यह मदद करने और न्याय दिलाने का सही समय है।”
उन्होंने बच्चू कडू के नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए कहा कि उनका अनुभव आंदोलन को दिशा देगा। “मैं किसान मुद्दों पर अभी सीख रहा हूँ, लेकिन बच्चू कडू का अनुभव बहुत गहरा है। वे जानते हैं कि किस वक्त कौन-सा कदम उठाना चाहिए,” जारंगे ने कहा।
एकता में ताकत का संदेश
मनोज जारंगे ने कहा कि राज्य के सभी किसान संगठनों को एक कोड ऑफ़ कंडक्ट के तहत एकजुट होकर लड़ना चाहिए। “यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर किसान की उम्मीद का प्रतीक है। अगर सब एकजुट रहेंगे, तो यह आंदोलन इतिहास रचेगा,” उन्होंने कहा।
