अकोला: भूमिहीन खेतिहर मजदूरों का चटणी-भाकर आंदोलन, सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी

अकोला में भूमिहीन खेतिहर मजदूरों का अनोखा आंदोलन, चटणी-भाकर खाकर जताया विरोध
अकोला, महाराष्ट्र — अकोला जिले में भूमिहीन खेतिहर मजदूरों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ एक अनोखा आंदोलन शुरू किया है। अपने हक की मांग करते हुए इन मजदूरों ने चटणी और भाकर (रोटी) खाकर विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार भूमिहीन मजदूरों को खेती योग्य जमीन देने में विफल रही है, जबकि जिले में हजारों एकड़ सरकारी भूमि खाली पड़ी है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक खेतिहर मजदूर के लिए सात अंकों का पंजीकरण नंबर, कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड़ योजना और अनुसूचित जाति व नवबौद्ध सशक्तिकरण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। वंचित बहुजन आघाड़ी (वबा) के युवा नेता सुजात अंबेडकर ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर चटणी-भाकर खाई और मजदूरों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर भूमिहीनों को शीघ्र जमीन नहीं दी गई तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
