Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

मौसम विभाग का रेड अलर्ट: गोंदिया में भारी बारिश, कृषि कार्यों में आई तेजी

मौसम विभाग का रेड अलर्ट: गोंदिया में भारी बारिश, कृषि कार्यों में आई तेजी

गोंदिया में मूसलधार बारिश से बढ़ा खतरा, सैकड़ों गांव मुख्यालय से कटे, बांधों के गेट खुले

गोंदिया, 26 जुलाई: गोंदिया जिले में शुक्रवार रात से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने एक ओर जहां कृषि कार्यों को रफ्तार दी है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच जिले के अधिकांश तहसीलों में भारी बारिश से कई छोटी नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे सैकड़ों गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

बारिश का सबसे अधिक असर ग्रामीण इलाकों में देखा गया, जहां नदियों में जलस्तर बढ़ने से सड़कें जलमग्न हो गईं और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। शहर के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है, जिससे नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।

इस बीच, जिले के पुजारीटोला, शिरपुर और कालीसरल बांधों में जलस्तर 60 प्रतिशत से अधिक हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग ने एहतियातन कुछ बांधों के गेट 0.5 मीटर तक खोल दिए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की अपील की है।

बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर खुशी लौटी है, वहीं बाढ़ की आशंका ने प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखा गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top