Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

समोसा-जलेबी के शौकीनों के लिए बुरी खबर: अब नाश्ते पर भी लगेगी सेहत की चेतावनी!

समोसा-जलेबी के शौकीनों के लिए बुरी खबर: अब नाश्ते पर भी लगेगी सेहत की चेतावनी!

अब स्वाद नहीं, सेहत पर ध्यान! नागपुर में समोसा-जलेबी पर लगेगी चेतावनी, सरकार ने उठाया सख्त कदम

नागपुर, 15 जुलाई: बारिश की फुहारों के बीच गरमागरम समोसे और चाशनी में डूबी जलेबियां खाने का मज़ा कौन नहीं लेना चाहता? लेकिन जल्द ही इस लज़ीज़ एहसास के साथ एक सख्त चेतावनी भी दिखेगी – “समझदारी से खाएं, आपका भविष्य आपको धन्यवाद देगा।”

नागपुर से शुरू होने जा रहे इस अनोखे अभियान के तहत अब हाई कैलोरी, तले-भुने और अत्यधिक मीठे स्ट्रीट फूड्स पर सेहत संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है – लोगों को जागरूक करना कि ये स्वादिष्ट नाश्ते, अगर नियमित रूप से खाए जाएं, तो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नई पहल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत समोसा, जलेबी, वड़ा पाव, पकौड़े, कचौड़ी जैसे पारंपरिक नाश्ते अब “पब्लिक हेल्थ रिस्क” के तौर पर चिह्नित किए जा रहे हैं। इन फूड आइटम्स में छिपी हुई कैलोरी, ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और रिफाइन्ड शुगर शरीर में चुपचाप कई बीमारियों को जन्म दे सकती हैं।

AIIMS नागपुर ने बताई गंभीरता

AIIMS नागपुर के डॉक्टर्स ने इस कदम को “फूड लेबलिंग में जरूरी क्रांति” बताया है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय लोग स्वाद के पीछे भागते हैं, लेकिन उनकी सेहत धीरे-धीरे खराब होती रहती है। डॉक्टरों ने चेताया कि समोसे की तली हुई परत और जलेबी की मीठी चाशनी – दोनों ही ‘धीमा ज़हर’ बन चुके हैं।

आंकड़ों की जुबानी खतरे की कहानी

  • एक समोसे में: ट्रांस फैट, मैदा और डीप फ्राई प्रक्रिया से तैयार ज़हर
  • एक जलेबी में: हाई कैलोरी, रिफाइन्ड शुगर और डायबिटीज बढ़ाने वाली मिठास

विशेषज्ञों का कहना है कि इनका नियमित सेवन हृदय रोग, मोटापा, पाचन तंत्र की गड़बड़ियां और ब्लड शुगर असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है।

चेतावनी बोर्ड अब हर नुक्कड़ पर

इस अभियान की शुरुआत नागपुर से की जा रही है। वहां के हर ठेले, दुकान, स्कूल कैंटीन और सार्वजनिक स्थानों पर अब से ये चेतावनी बोर्ड अनिवार्य होंगे। इससे पहले जहां सिगरेट के पैकेट पर कैंसर की चेतावनी देखी जाती थी, अब वैसी ही चेतावनी खाने की थाली के साथ भी मिलने वाली है।

आगे पूरे देश में विस्तार की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्रालय का इरादा इस अभियान को धीरे-धीरे देशभर में लागू करने का है। मकसद यह नहीं कि लोग समोसे-जलेबी खाना छोड़ दें, बल्कि यह समझें कि स्वाद का मज़ा कब सेहत पर भारी पड़ सकता है।

तो अगली बार जब आप चाय के साथ समोसा या जलेबी लें – एक नजर उस बोर्ड पर जरूर डालें, जो शायद आपकी ज़िंदगी की दिशा बदल दे!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top