अंबाझरी तालाब मामले में हाई कोर्ट की सुनवाई, विवेकानंद स्मारक पर हाई लेवल कमेटी को फैसला लेने का आदेश
अंबाझरी तालाब केस: हाई कोर्ट ने विवेकानंद स्मारक पर हाई लेवल कमेटी को सौंपा फैसला, 2 मई को अगली सुनवाई
नागपुर।
अंबाझरी तालाब से जुड़े विवादित मामले में गुरुवार को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने स्वामी विवेकानंद स्मारक को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब इस पर निर्णय उच्चस्तरीय समिति लेगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह जानना चाहा कि तालाब के ओवरफ्लो पॉइंट पर स्थित स्मारक को हटाया जाना चाहिए या नहीं। इसके लिए विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में गठित हाई लेवल कमेटी को अंतिम निर्णय लेने को कहा गया है। यदि स्मारक को न हटाने का निर्णय लिया जाता है, तो इसके पीछे के कारणों का विवरण अदालत को सौंपने का निर्देश भी दिया गया है।
गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान CWPRS (सेंट्रल वाटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन) की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें यह उल्लेख था कि विवेकानंद स्मारक, नागपुर में हाल ही में आई बाढ़ के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, इरिगेशन डिपार्टमेंट की ओर से यह दलील भी रखी गई कि स्मारक की मौजूदगी के कारण एस्केप गेट की स्थापना में दिक्कत आ रही है।
सुनवाई में विभागीय आयुक्त, मनपा आयुक्त, जिलाधिकारी और अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए हैं कि समिति की रिपोर्ट और निर्णय के आधार पर 2 मई को अदालत में स्थिति स्पष्ट की जाए।
अब निगाहें हाई लेवल कमेटी के निर्णय और अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो अंबाझरी तालाब के भविष्य और विवेकानंद स्मारक की स्थिति को तय करेगी।