Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

“जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापे, कई टेरर ग्रुप्स निशाने पर”

“जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापे, कई टेरर ग्रुप्स निशाने पर”

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए कश्मीर घाटी के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई पूर्व हुर्रियत नेता अब्दुल गनी भट के घरों सहित कई अन्य स्थानों पर की गई, जिसमें श्रीनगर, बारामूला और अनंतनाग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी गैर-कानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की गई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस (भट ग्रुप), जम्मू-कश्मीर मुस्लिम लीग (मसरत आलम ग्रुप) और जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (शब्बीर शाह ग्रुप) शामिल हैं।

मुख्य घटनाएं:

  • अब्दुल गनी भट के दो आवासों पर छापे गए, एक श्रीनगर के वजीर बाग में और दूसरा बारामूला में।
  • शब्बीर शाह के घर पर भी तलाशी ली गई।
  • मसरत आलम भट और अन्य अलगाववादी नेताओं के घरों पर भी पुलिस ने छापे मारे।

इन छापेमारी का उद्देश्य इन प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाना था।

हुर्रियत से गठबंधन तोड़ा: कश्मीर में पाकिस्तान समर्थक राजनीति का हिस्सा रहे कई नेताओं ने हुर्रियत और उनके संगठन डीपीएम (डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट) से अलग होने की घोषणा की है। मोहम्मद शफी रेशी और शाहिद सलीम ने हुर्रियत से नाता तोड़ने की बात कही, जबकि जम्मू स्थित जेएंडके फ्रीडम मूवमेंट ने भी अलगाववादी गठबंधन से अपने संबंध समाप्त कर लिए।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार की कश्मीर नीति की तारीफ करते हुए कहा कि इसके जरिए जम्मू-कश्मीर से अलगाववाद को पूरी तरह समाप्त किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top