Headline
“यवतमाल: आर्णी में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटाई, जंगली जानवरों और जंगल की सुरक्षा को खतरा”
“नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड का फैसला; बिहार सरकार में मंत्री पद पर हैं वर्तमान में”
“शिवसेना को भाजपा में मर्ज करने का मिला आदेश, शशिकांत शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लेकर किया बड़ा दावा”
“एक्शन मोड में कृषि विभाग; बुलढाणा जिले में 317 केंद्रों का निरीक्षण, 33 केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश”
“विदर्भ सोलर क्षेत्र में बनेगा नंबर एक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम सप्ताह प्रस्ताव में गिनाई सरकार की उपलब्धियां”
“‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली, खरगे और राहुल रामलीला मैदान से उठाएंगे हुंकार”
“खटीमा में तुषार की हत्या के बाद हुआ बवाल, पुलिस ने आरोपी हाशिम का किया हाफ एनकाउंटर, धारा 163 भी लागू”
“एसडीपीओ जाधव के निलंबन की मांग पर मुनगंटीवार और वडेट्टीवार ने विधानसभा में किया हंगामा”
नाना पटोले ने राज्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने खारिज किया

तुलसी पर प्राइवेट पार्ट के बाल डालने वाले अब्दुल को लेकर कोर्ट सख्त, पुलिस की मानसिक रोगी वाली दलील पर लगाई फटकार

तुलसी पर प्राइवेट पार्ट के बाल डालने वाले अब्दुल को लेकर कोर्ट सख्त, पुलिस की मानसिक रोगी वाली दलील पर लगाई फटकार

केरल से सामने आए एक विवादित मामले में आरोपी अब्दुल हकीम पर आरोप है कि उसने ‘तुलसीथारा’ पर अपने प्राइवेट पार्ट के बाल डालकर हिंदू धर्म की आस्था का अपमान किया। इस गंभीर कृत्य को लेकर अब हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है और मामले पर सख्ती से कार्रवाई की मांग की है।

केरल: ‘तुलसीथारा’ पर आपत्तिजनक हरकत का मामला, हाई कोर्ट ने आरोपी अब्दुल हकीम पर कार्रवाई न होने पर जताई नाराजगी

तिरुवनंतपुरम। देश में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिशें लगातार सामने आती रही हैं, और इसी कड़ी में केरल से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। आरोप है कि अब्दुल हकीम नामक व्यक्ति ने ‘तुलसीथारा’ पर अपने प्राइवेट पार्ट के बाल डालकर हिंदू धार्मिक भावनाओं को गहराई से आहत किया। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया है।

मामले में केरल हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन की पीठ उस समय हैरान रह गई जब यह पाया गया कि वीडियो में साफ तौर पर दिखने वाले अब्दुल हकीम के खिलाफ अब तक कोई केस दर्ज नहीं हुआ है, जबकि वीडियो अपलोड करने वाले श्रीराज के खिलाफ धार्मिक विद्वेष फैलाने के आरोप में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

अदालत ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि “तुलसीथारा हिंदू समुदाय के लिए बेहद पवित्र स्थान है और इस तरह का कृत्य पूरी तरह निंदनीय है।” कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब्दुल हकीम के खिलाफ भी तत्काल उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

माना जा रहा है कि अब्दुल हकीम गुरुवायुर मंदिर क्षेत्र में एक होटल संचालक है। अदालत की टिप्पणी और वीडियो वायरल होने के बाद अब इस मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है, और आम जनता आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top